कोंडागांव हिंसा पर डहरिया का हमला
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कोंडागांव मक्का पावर प्लांट हिंसा पर शिवकुमार डहरिया ने भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
डहरिया ने रोजगार, प्रशासनिक विफलता और संसाधनों के संरक्षण को लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना की।
Kondagaon/ छत्तीसगढ़ के कोंडागांव स्थित मक्का पावर प्लांट में हुई हिंसक झड़प के बाद प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। घटना को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है और विपक्ष ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और सरकार जनसमस्याओं के समाधान में विफल साबित हो रही है।
डहरिया ने आरोप लगाया कि कोंडागांव की हिंसा प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। उनका कहना है कि सरकार रोजगार उपलब्ध कराने और स्थानीय मुद्दों को सुलझाने में असफल रही है, जिसके चलते लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज नहीं सुनी जा रही, इसलिए आक्रोश उग्र रूप ले रहा है।
पूर्व मंत्री ने बजरंग दल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ऐसे संगठनों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय डर का माहौल बनाया जा रहा है। डहरिया ने हाल के दिनों में हुई अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश की शांति और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है।
भाजपा नेताओं को अन्य राज्यों में मिली जिम्मेदारियों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने तंज कसा कि पहले छत्तीसगढ़ की व्यवस्था सुधारनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के संसाधनों जल, जंगल और जमीन का सही संरक्षण नहीं हो रहा और आम जनता खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है।
डहरिया ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द हालात नहीं सुधारे तो निवेश और विकास पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को शांतिप्रिय राज्य के रूप में जाना जाता है और यहां अशांति की स्थिति चिंताजनक है। फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।